फ़रवरी 2, 2023 1:27 पूर्वाह्न

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लम्बी छलांग! भारत वैश्विक इनोवेशन इंडेक्स में 40वें स्थान पर पहुंचा, 2015 में था 81वाँ स्थान

भारत ताजा जारी सूची में विश्व में 40वें स्थान पर पहुँच गया है। वर्ष 2015 में यह स्थान 81वां था। लगातार सात वर्षों से तेजी से बढ़ते भारत में बढ़ते अनुसंधान, पेटेंट और नई खोजों के प्रोत्साहन के चलते यह उपलब्धि हासिल की है।

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ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स यानी विश्व में नए तौर-तरीकों और खोजों को सबसे अधिक बढ़ावा देने वाले अर्थव्यवस्थाओं की रैंकिंग में भारत ने लम्बी छलांग लगाई है। भारत ताजा जारी सूची में विश्व में 40वें स्थान पर पहुँच गया है। वर्ष 2015 में यह स्थान 81वां था। लगातार सात वर्षों से तेजी से बढ़ते भारत में बढ़ते अनुसंधान, पेटेंट और नई खोजों के प्रोत्साहन के चलते यह उपलब्धि हासिल की है।

‘ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2022’ नाम से हर साल जारी होने वाली यह रिपोर्ट विश्व भर के देशों की रैंकिंग, उनके नवाचार के प्रति नीतियों एवं 80 अन्य संकेतकों पर जांच कर के जारी होती है। भारत ने लगातार इन सभी संकेतकों पर बेहतरीन काम किया है, जिसके परिणाम से भारत की रैंकिंग 7 सालों में 41 स्थान ऊपर चली गई है।

क्या है यह रिपोर्ट?

‘वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन’ द्वारा जारी की जाने वाली इस रिपोर्ट को वर्ष 2007 में शुरू किया गया था, इसके संस्थापक सौमित्र दत्ता हैं जो कि एक भारतीय हैं और वर्तमान में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। किसी देश का राजनीतिक माहौल, उसकी आधारभूत संरचना और शिक्षा, ऋण आदि की सुलभता जैसे 81 संकेतक उस देश की रैंकिंग तय करते हैं। इस रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र से भी प्रशंसा भी हासिल हो चुकी है।

रिपोर्ट के अंदर भारत में बढ़ते नवाचारों का उदहारण दिया गया है। आधार, भारतीय वैक्सीन कोवैक्सीन, आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को भारत की बढ़ती रैंकिंग का आधार बताया गया है।

रिपोर्ट में भारत की स्थिति

रिपोर्ट में लगातार सुधरती भारत की रैंकिंग की सराहना की गई है। भारत ने रैंकिंग में ऊंचा स्थान हासिल करने के साथ ही कई मोर्चों पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। भारत ने इस साल 6 स्थानों की छलाँग लगाकर 40वें स्थान पर कब्जा जमाया है। इस साल की रिपोर्ट के साथ भारत की कुल सात सालों में वृद्धि 40 स्थानों की हो गई है।

जहाँ वर्ष 2015 में भारत 86वें स्थान पर था, वहीं वर्ष 2016 में यह 20 स्थान की छलांग लगाकर 66वें स्थान पर पहुँच गया। लगातार वृद्धि करते हुए भारत 2017 में 60वें, 2018 में 57वें और 2019 में पांच स्थान और आगे बढ़ कर 52वें स्थान पर पहुँच गया। वर्ष 2020 में भारत 48वें और 2021 में 46वे स्थान पर था।

इस साल आई रिपोर्ट के अनुसार भारत दक्षिण एवं मध्य एशिया में पहले स्थान पर है। इसी के साथ भारत निम्न मध्यम आय की श्रेणी वाले देशों में भी पहले स्थान पर है, निम्न मध्यम आय वाले राष्ट्रों में भारत ने वियतनाम को पछाड़ कर उपलब्धि हासिल की है ।

भारत ने लगातार 12वें साल काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, पिछले कुछ सालों में इसमें ज्यादा तेजी आई है। भारत ने पहली बार इस रिपोर्ट के 40 शीर्ष देशों में अपनी जगह बनाई है। इससे पहले भारत ने वर्ष 2020 में शीर्ष 50 देशों में जगह बनाई थी।

साथ ही रिपोर्ट के अनुसार भारत ने इस श्रेणी में औसत से कहीं अच्छा प्रदर्शन किया है। संस्थानों के मामले में भारत की रैंकिंग 54 है, वहीं बाजार के मामले में भारत की स्थिति 19वीं है। इसी के साथ ज्ञान एवं तकनीकी मामलों में भारत की रैंकिंग 34 है। भारत में कोलकाता, पुणे और हैदराबाद जैसे शहरों ने भारत की रैंकिंग सुधरने में काफी सहायता की है।

लगातार बढ़ती भारत की अर्थव्यवस्था एवं सुधरती आधारभूत संरचना इस में और सहायता कर रहे हैं। भारत कुछ ही समय पहले ब्रिटेन को पछाड़ कर विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। सरकार के द्वारा स्टार्टअप इंडिया, सस्ते ऋण एवं नई तकनीकों को बढ़ावा देने की नीति का यह सुखद परिणाम सामने है।

Arpit Tripathi
Arpit Tripathi

अवधी, पूरब से पश्चिम और फिर उत्तर के पहाड़ ठिकाना है मेरा

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