फ़रवरी 1, 2023 8:00 अपराह्न

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भारत दुनिया के लिए केस स्टडी है: 25 साल बाद भारत में आयोजित इंटरपोल की महासभा में PM मोदी

इंटरपोल महासभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विविधता और लोकतंत्र को कायम रखने में भारत दुनिया के लिए एक केस स्टडी है।

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भारत में इंटरपोल महासभा की बैठक 25 सालों के अंतराल के बाद मंगलवार (18 Oct, 2022) को दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित की गई। 2023 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहे इंटरपोल की 90वीं महासभा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्बोधित किया।

इंटरपोल की 90वीं महासभा 18 से 21 अक्टूबर तक नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित होनी तय हुई थी। 25 साल के लम्बे अंतराल के बाद महासभा की मीटिंग भारत में आयोजित हो रही है।

90वीं इंटरपोल महासभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में अहम भूमिका निभाने वाला देश है और स्वतंत्रता से पहले भी हमने दुनिया को बेहतर बनाने के लिए कुर्बानियाँ दी हैं। उन्होंने आतंकवाद जैसे खतरे से निपटने के लिए दुनिया को एकजुट होने की भी अपील की।

इंटरपोल महासभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विविधता और लोकतंत्र को कायम रखने में भारत दुनिया के लिए एक केस स्टडी है। उन्होंने कहा कि विगत 99 वर्षों में इंटरपोल ने 195 देशों में विश्व स्तर पर पुलिस संगठनों को जोड़ने का काम किया है।

क्या है इंटरपोल?

साल 1923 में स्थापित हुए इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस आर्गेनाईजेशन को ‘इंटरपोल’ के नाम से जाना जाता है। यह संगठन दुनियाभर में पुलिस सहयोग और अपराध नियंत्रण की सुविधा प्रदान करने का कार्य करता है। फ्रांस के ल्योन शहर में इसका मुख्यालय स्थित है। दुनियाभर के 195 देश इस संगठन के सदस्य हैं।

क्या करता है इंटरपोल?

इंटरपोल प्रमुख रूप से आतंकवाद, साइबर अपराध, और संगठित अपराधों से जुड़े हुए हर तरह के अपराध जैसे, बाल अश्लीलता, मादक पदार्थों की तस्करी एवं उत्पादन, मानवता के खिलाफ अपराध आदि अपराधों के रोकथाम के लिए प्रशिक्षण, जांच पड़ताल में सहयोग करने तथा अपराधी डेटाबेस तथा संचार नेटवर्क के माध्यम से राष्ट्रीय कानून प्रवर्तन संस्थानों के बीच सहयोग प्रदान करने का कार्य करता है।

भारत में 25 साल बाद हो रही है महासभा

भारत में इंटरपोल की महासभा 25 वर्षों बाद आयोजित हो रही है। आख़िरी बार साल 1997 में भारत में यह महासभा आयोजित हुई थी |

यह रहे प्रमुख मुद्दे

डिजिटल हो रही दुनिया में पुलिसिंग के भविष्य से जुड़े हुए मुद्दे तथा 2030 के लिए अपने दृष्टिकोण में बदलाव लाने को लेकर महासभा में मंथन इसका अहम मुद्दा रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बैठक में अलग-अलग पैनल अलग-अलग अपराधों और उससे जुड़ी हुई आज के समय में उत्पन्न हुई समस्याओं और समाधानों को लेकर चर्चा की। जैसे कि-

वित्तिय अपराध – वित्तिय अपराध एवं भ्रष्टाचार अन्य सभी अपराधों के केंद्र बिंदु हैं।

साइबर अपराध- यह आजकल के जीवन के हर एक पहलुओं को छूता है।

बच्चों के खिलाफ अपराध- जो हमारे समाज के सबसे कमज़ोर लोगों पर हमला है।

आई-फैमिलिया (I-Familia) – इसके द्वारा लापता व्यक्तियों की उनके पारिवारिक डीएनए द्वारा पहचान की जा सकती है।

भारत की ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ को प्रदर्शित करने का अवसर

कार्यक्रम से पूर्व PMO ने अपने एक वक्तव्य में कहा है कि यह आयोजन पूरी दुनिया में भारत की कानून और व्यवस्था प्रणाली की बेस्ट प्रैक्टिसेज को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा।

इंटरपोल की महासभा में प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जलवायु से जुड़े लक्ष्यों से लेकर कोविड महामारी की वैक्सीन तक, भारत ने किसी भी संकट में नेतृत्व करने की इच्छा प्रदर्शित की है।

The Indian Affairs Staff
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