फ़रवरी 1, 2023 11:07 पूर्वाह्न

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शिंजो आबे की हत्या से स्तब्ध भारत

अपने हालिया जापान दौरे को याद करते हुए मोदी ने कहा कि “मुझे इसी वर्ष मई में जापान यात्रा के दौरान आबे शिंजो से मिलने का अवसर मिला। उस दिन जब मैं उनसे मिलकर निकला, तब यह कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि हमारी यह आखिरी मुलाकात होगी।"

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शिंजो आबे

बीते शुक्रवार को जापान के पूर्व प्रधानमन्री शिंजो अबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शिंजो पश्चिमी जापानी शहर नारा में चुनावी रैली को सम्बोधित कर रहे थे, जिस दौरान एक व्यक्ति ने उन पर पिस्तौल से हमला कर दिया। 

 इस घटना से जापान समेत पूरा विश्व स्तब्ध है। प्रधानमन्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर अबे शिंजो के परिवार और जापान के प्रति संवेदना व्यक्त की है, उन्होंने लिखा कि “मेरे प्रिय मित्र अबे शिंजो पर हुए हमले से बहुत व्यथित हूं। हमारी प्रार्थनाएं उनके, उनके परिवार और जापान के लोगों के साथ हैं।”

भारत और जापान सम्बन्ध कितने घनिष्ठ हैं, इसका अन्दाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत में अबे शिंजो की मृत्यु पर एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा हुई है। 

 पीएम मोदी का भावुक संदेश: 

प्रधानमंत्री मोदी ने एक ब्लॉग लिख आबे शिंजो को याद किया। उन्होंने लिखा “शिंजो आबे न सिर्फ जापान की एक महान विभूति थे, बल्कि विशाल व्यक्तित्व के धनी एक वैश्विक राजनेता थे। भारत-जापान की मित्रता के वे बहुत बड़े हिमायती थे। बहुत दुखद है कि अब वे हमारे बीच नहीं हैं। उनके असमय चले जाने से जहां जापान के साथ पूरी दुनिया ने एक बहुत बड़ा विजनरी लीडर खो दिया है, तो वहीं मैंने अपना एक प्रिय दोस्त।” 

पीएम मोदी ने आबे शिंजो के साथ जापान से लेकर भारत तक के विभिन्न जगहों की फोटो शेयर करते हुए अपनी भावना व्यक्त की। अपने हालिया जापान दौरे को याद करते हुए मोदी ने कहा कि “मुझे इसी वर्ष मई में जापान यात्रा के दौरान आबे शिंजो से मिलने का अवसर मिला। उस दिन जब मैं उनसे मिलकर निकला, तब यह कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि हमारी यह आखिरी मुलाकात होगी।”

 शिंजो आबे का भारत से लगाव:

शिंजो आबे का भारत के प्रति बेहद लगाव था। वे अपने कार्यकाल के दौरान सबसे अधिक तीन बार भारत के दौरे पर आए थे। भारत और जापान के रिश्ते मजबूत करने के लिए शिंजो आबे को जाना जाता है। भारत सरकार ने जनवरी 2021 में शिंजो आबे को पद्म विभूषण से सम्मानित किया था।

 भारत और जापान सम्बन्ध:

भारत और जापान सम्बन्धों में पिछले 2 दशकों में बहुत सुधार देखने को मिले  हैं। दोनों देश आर्थिक, सुरक्षा, सामरिक दृष्टि से करीब आते नजर आए हैं। क्वाड जैसे समूह की कल्पना आबे शिंजो ने की थी। जिसकी बदौलत इंडो पैसिफिक में चीन के आधिपत्य को विफल करने में काफी सहायता मिली। क्वाड चीन के लिए आज एक चुनौती बनकर सामने खड़ा है। 

Jayesh Matiyal
Jayesh Matiyal

जयेश मटियाल पहाड़ से हैं, युवा हैं और पत्रकार तो हैं ही।
लोक संस्कृति, खोजी पत्रकारिता और व्यंग्य में रुचि रखते हैं।

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