फ़रवरी 2, 2023 12:38 पूर्वाह्न

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सितम्बर माह में देश में घटी बेरोजगारी दरः राजस्थान, बिहार अब भी पिछड़े

सितम्बर माह में बेरोजगारी दर 6.43% पर आ गई है। इससे पहले अगस्त माह में यह 8.28% पर थी। CMIE यानी सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी हर महीने भारत में बेरोजगारी के बारे में आंकड़े देता है।

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लगातार आर्थिक तरक्की ने भारत के अंदर बेरोजगारी को कम करने में मदद की है। सितम्बर माह की बेरोजगारी के बारे में आई रिपोर्ट इस तरफ ही इशारा कर रही है। भारत में आर्थिक मामलों पर नजर रखने वाली संस्था CMIE की रिपोर्ट ने इस बात की जानकारी दी है।

सितम्बर माह में बेरोजगारी दर 6.43% पर आ गई है। इससे पहले अगस्त माह में यह 8.28% पर थी। CMIE यानी सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी हर महीने भारत में बेरोजगारी के बारे में आंकड़े देता है।

गाँव-शहर दोनों में कम हुई बेरोजगारी

CMIE की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के अंदर शहरों में बेरोजगारी दर सितम्बर माह में 7.70% रही। यह अगस्त माह में 9.57% थी। वहीं गाँवों में सितम्बर माह में बेरोजगारी दर 5.84% रही, यह अगस्त माह में 7.68% थी।

अगर आँकड़ों की तरफ देखें तो पिछले सात महीनों में सितम्बर में बेरोजगारी दर सबसे कम रही है। वर्तमान वित्त वर्ष के अप्रैल से प्रारम्भ होने के बाद से बेरोजगारी दर अगस्त माह में रिकार्ड पर पहुँच गई थी, इसमें सितम्बर माह में भारी कमी आई है।

अगर इस वित्त वर्ष की बात करें तो अगस्त माह में सबसे ज्यादा 8.28% बेरोजगारी दर रही, वहीं जून और अप्रैल माह में दूसरे स्थान पर सबसे अधिक बेरोजगारी दर 7.83% रही। मई में भी बेरोजगारी दर 7% के उपर रही थी, मई में यह दर 7.14% थी।

अगर गाँवों की बात करें तो सितम्बर माह गाँवों के लिए भी राहत भरा रहा है। सितम्बर माह में गाँवों में बेरोजगारी दर इस वित्त वर्ष में सबसे कम रही है। सितम्बर माह में जहाँ बेरोजगारी दर 5.84% रही वहीं यह दर जून माह में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर 8.07% थी।

भारत में बेरोजगारी में आई इस कमी का कारण सितम्बर और अक्टूबर माह के त्योहारी सीजन को माना जा रहा है, त्योहारों के दौरान मांग में वृद्धि आने से उत्पादन तेज होता है। ज्यादा उत्पादन से रोजगार में बढ़ोत्तरी हुई है।

राजस्थान, बिहार और झारखंड का बुरा हाल

CMIE के ही आँकड़ों की मानें तो राजनीतिक उठापटक में फंसे राजस्थान, नीतीश कुमार और तेजस्वी के नए-नए गठबंधन वाले बिहार और कॉन्ग्रेस-झामुमो शासित झारखंड में बेरोजगारी के आँकड़े चिंताजनक हैं।

CMIE के अनुसार, वर्तमान में राजस्थान में देश में सबसे अधिक बेरोजगारी है, राजस्थान के अंदर वर्तमान में 23.8% की बेरोजगारी दर है, जो पूरे देश के औसत से तीन गुना है। लगातार कॉन्ग्रेस की आंतरिक गुटबंदी में फंसी राजस्थान सरकार इस तरफ ध्यान नहीं दे पा रही है।

वहीं देश में दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या वाले राज्य बिहार में बेरोजगारी दर 11.4% है, बिहार में हमेशा बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा रहा है, लगातार 2005 से सत्ता में रही जेडीयू और नीतीश कुमार प्रदेश के अंदर इस भीषण बेरोजगारी को रोकने में असफल रहे हैं।

बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड के सूरतेहाल भी कुछ ख़ास अच्छे नहीं हैं। वर्तमान में झारखंड में बेरोजगारी दर 12.2% है, झारखंड में भी लगातार राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।

Arpit Tripathi
Arpit Tripathi

अवधी, पूरब से पश्चिम और फिर उत्तर के पहाड़ ठिकाना है मेरा

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